भीमाशंकर मंदिर (Bhimashankar Jyotirlinga History In Hindi)

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आप सभी का मेरे एक और लेख में जिसमें मैं आज आपको भीमाशंकर मंदिर (Bhimashankar Jyotirlinga History In Hindi) के बारे में बताऊंगा। यह मंदिर महाराष्ट्र राज्य में पुणे शहर से 110 किलोमीटर आगे शहयाद्री नामक पर्वत पर स्तिथ है। इस मंदिर के शिवलिंग के निश्चित आकार से अधिक मोटा होने के कारण इसे मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भीमा नामक नदी तट पर और भीमशंकर नामक वन में स्थित है। यह वन क्षेत्र वन्य-जीव अभ्यरण्य द्वारा संरक्षित है। यह वन पशु-पक्षि, पेड़-पोधे और फूलों के लिए भी संरक्षित है। यहाँ आप भगवान की भक्ति के साथ प्रकृति की सुंदरता का भी आनंद ले सकते हो।

Bhimashankar Jyotirlinga

यह भी पढ़ें सोमनाथ मंदिर के बारे में 

भीमाशंकर मंदिर  मंदिर का धार्मिक महत्व  

भीमाशंकर मंदिर के बारे शिव-पुराण में बताया गया है कि रावण कुल में कुम्भ करण का भीम नाम का एक राक्षस पुत्र था। उसका जन्म कुम्भ करण की म्रत्यु के पश्चात हुआ था। कुम्भ करण की म्रत्यु भगवान श्री राम के हाथों हुयी इस बात की जानकारी उसे नहीं थीपरंतु बाद में उसकी माता ने उसे इस घटना के बारे में बता दिया। जब उसे इस घटना के बारे में पता चला तो वह भगवान विष्णु जी का वध करने के लिए आतुर हो गया। अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने बहुत सालों तक भगवान ब्रह्मा जी की कठोर तपस्या की। उसकी तपस्या से पसन्न हो कर भगवान ब्रह्मा जी उसे विजयी होने का वरदान दे दिया।

ब्रह्मा जी से वरदान मिलने के बाद यह राक्षस निरुंकुश हो गया। उसने मनुष्यों के साथ ही देवी-देवताओं का भी संहार करना शुरू कर दियाजिस से सभी लोग उस से भयभीत होने लग गए। उसने युद्ध में देवताओं को भी परास्त कर दियाऔर धरती में होने वाले सभी तरह के पुजा पाठ बंद करा दिये। जिस से परेशान हो कर सभी देवी देवता भगवान शिव की शरण में गए। भगवान शिव ने सभी को आश्वासन दिया कि वह इस समस्या का समाधान कर देंगे। देवताओं के जाने के बाद भगवान शिव ने भीमा राक्षस से युद्ध करने का निर्णय किया। इसी पर्वत पर भगवान शिव ने उस राक्षस का वध किया। बाद में देवताओं के आग्रह करने पर मनुष्य कल्याण हेतु ज्योतिर्लिंग के रूप में इसी पर्वत पर विराजमान हो गये।


Do You Want Know About Tulsidas Jayanti Click Here

जाने ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में

भीमाशंकर मंदिर का इतिहास 

भीमाशंकर मंदिर का निर्माण 13 वीं शताब्दी में किया गया था। समय के साथ यह मंदिर धीरे-धीरे क्षीण होते गया। इस मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण 18 वीं शताब्दी में नाना फडणवीस द्वारा किया गया था। बाद में शिवाजी महाराज इस मंदिर में दर्शन के लिए आए तो उन्होंने यहाँ पर पूजा और यहाँ दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के लिए सभी तरह की सुविधाओं की व्यवस्था करवाई थी। इस मंदिर परिसर में बनाया गया बड़ा घंटा इस मंदिर परिसर की शान है। उसका निर्माण भी अत्यंत चतुर और प्रभावशाली मराठा मंत्री नाना फडणवीस ने ही करवाया था।


जानिए हिंदुओं के प्रमुख चार धामों के बारे में

भीमाशंकर मंदिर की वास्तुकला 

भीमाशंकर मंदिर का निर्माण नागर शैली के अनुसार किया गया है। इस मंदिर को बनाते समय प्राचीन और नई संरचनाओं का मिश्रण किया गया है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव का शिवलिंग विराजमान है। मुख्य मंदिर के सामने एक सभागृह का निर्माण किया गया है, जिसमें यहाँ आने वाले भक्तगण विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। भीमाशंकर मंदिर समुद्र तल से लगभग 3250 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर भीमा नदी के किनारे पर स्थित है। यह नदी आगे चलकर कृष्णा नदी में मिल जाती है। 

Bhimashankar Jyotirlinga

भीमाशंकर मंदिर से जुड़ा विवाद  

भीमाशंकर मंदिर को लेकर लोगों में कुछ मतभेद भी है। सभी शिव भक्त भीम शंकर जी की पुजा करने के लिए महाराष्ट्र के पुणे शहर में जाते हैपरंतु असम के लोगों का मानना है। भगवान शिव का असली भीम शंकर ज्योतिर्लिंग गोवाहटी की पहाड़ियों पर स्थित है। भीम शंकर ज्योतिर्लिंग असम राज्य में मनोहारी पर्वत पर स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग नदी के किनारे पर बसा है, जिस कारण नदी के जल से चौबीसों घंटे इस ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक होते रहता है।

भीमाशंकर मंदिर खुलने का समय  

भीमाशंकर मंदिर का खुलने और बंद होने का समय नीचे दिये गए सारणी के अनुसार है -

समय                               कार्यक्रम

सुबह 4:30 बजे -               मंदिर खुलने और काकड़ा आरती का समय।

सुबह 5:00 बजे -               निजारपुर दर्शन।

सुबह 5:30 बजे -               नियमित पूजा और अभिषेक।

दोपहर 12:00 बजे -           नैवेद्य पूजा।

दोपहर 12:30 बजे -           नियमित पूजा और अभिषेक।

शाम 3:00 बजे -                मध्याह्न आरती।

शाम 7:30 बजे -                रात्री आरती।

रात्री 9:00 बजे -                 मंदिर बंद होने का समय।

भीमाशंकर मंदिर के पास घूमने की जगह  

भीमाशंकर मंदिर के आस पास घूमने वाली कुछ प्रमुख जगहों के बारे में नीचे जानकारी दी गयी है।

1- भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य

यह अभयारण्य मूल रूप से भारतीय विशालकाय गिलहरीयों का निवास स्थान है। लेकिन फिर भी यहाँ अन्य प्रकार के जीव जन्तु भी पाये जाते है। भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य पुणे और महाराष्ट्र का एक प्रमुख पर्यटक केंद्र है। यह पश्चिमी घाट पर 120 वर्ग किमी के क्षेत्र में फैला हुआ घना वन क्षेत्रजिसे सह्याद्री पर्वतमाला के नाम से भी जाना जाता है।

2- अहुपे झरने

आहूपे झरने महाराष्ट्र के भीमाशंकर मंदिर के पास ही स्थित है। इसके आसपास के क्षेत्र में एक वन्यजीव अभ्यारण्य है और यह डिंभे बांध बैकवाटर का एक सुंदर दृश्य है। यह जलप्रपात विशेष रूप से युवा जोड़ों के बीच एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।

3- हनुमान झील

हनुमान झील भीमाशंकर मंदिर के पास में स्थित एक खूबसूरत झील है। यहाँ गिलहरी और बोलियों सहित बहुत सारे जानवरों को भी यहाँ देखा जा सकता है। इस झील के पास में ही एक मंदिर भी है। यह परिवार के लिए एक अच्छा पिकनिक स्थल है।

4- गुप्त भीमाशंकर                                                  

यह भीमाशंकर मंदिर के पास में ही स्थित एक बहुत पुराना मंदिर है। लोग पूरे भारत से गुप्त भीमाशंकर के दर्शन करने आते हैंक्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस स्थान पर मूल शिवलिंग की खोज की गई थीऔर बाद में उसे भीमाशंकर मंदिर में स्थापित कर दिया गया। 

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के बारे में रोचक तथ्य  

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के आस पास के स्थान को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया है। यह एक आरक्षित वन क्षेत्र है। यह स्थान वनस्पतियों और जीवों जंतुओं से समृद्ध है। महाराष्ट्र का राजकीय पशु मालाबार विशालकाय गिलहरी भी इस जंगल में पाया जाता है। भीमाशंकर मंदिर में मानसून के बाद जाने का सबसे अच्छा समय होगा क्योंकि मानसून के समय यहाँ बहुत अधिक बारिश होती है। यहाँ जाने सबसे अच्छा समय सर्दियों का होता है। इसलिए अगस्त से फरवरी के बीच में यात्रा के लिए अच्छा समय है। महाशिवरात्रि के दौरान इस मंदिर में जाने का सबसे अच्छा समय है उस दिन सभी शिव भक्त यहाँ मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।

Bhimashankar Jyotirlinga

भीमाशंकर मंदिर में कैसे पहुंचे ?

भीमाशंकर मंदिर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पुणे जंक्शन है यहाँ से भीमाशंकर मंदिर की दूरी 108 किलोमीटर है। यहाँ से आप टेक्सी के माध्यम से आगे का सफर पूरा कर सकते हैं।

भीमाशंकर मंदिर का सबसे नजदीकी एयर पोर्ट पुणे एयरपोर्ट है। यहाँ से भी भीमाशंकर मंदिर की दूरी 108 किलोमीटर है।

अगर आप बस के माध्यम से सफर करना चाहते हैं तो सबसे नजदीकी बस स्टेशन पुणे बस स्टेशन है। यहाँ से आप टैक्सी के माध्यम से मंदिर तक पहुँच सकते हैं। 

भीमाशंकर मंदिर के पास रिसॉर्ट और होटल  

भीमाशंकर मंदिर के पास के होटल और रिसॉर्ट के नाम नीचे दिये गए हैं। जो मंदिर परिसर से सबसे नजदीक हैं। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी होटल में रुक सकते है।

1-Radisson Resort Spa Alibaug.

2-Geeta Bhawan Villa.

3-Girivihar Hotel.

4-Radha Cottage - Heritage Resort.

5-Westend Hotel

6-The Lagoona Resort.

7-Blue Waters Resort Lonavala.

8-Adamo The Resort.

9-Upper Deck Resort Pvt. Ltd.

10-Rangoli Retreat

Conclusion

आशा करता हूँ कि मैंने जो भीमाशंकर मंदिर के बारे में आपको जानकारी दी वह आपको अच्छे से समझ आ गयी होगी। मैंने इस पोस्ट से भीमाशंकर मंदिर से संबन्धित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

अगर आप किसी मंदिर के बारे में जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताएं। जो भी लोग आपके आस पास में या आपके दोस्तो में मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैंआप उनको हमारा पोस्ट शेअर कर सकते है। हमारी पोस्ट को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

Note      

अगर आपके पास भीमाशंकर मंदिर के बारे में और अधिक जानकारी है तो आप हमारे साथ शेअर कर सकते हैंया आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको गलत लगे तो आप तुरंत हमे कॉमेंट करके बताएं।