Baidyanath Temple History In Hindi, वैद्यनाथ मंदिर, 2021,

 

Baidyanath Temple । वैद्यनाथ मंदिर । Famous Hindu Temples


वैद्यनाथ मंदिर के बारे में जानकारी

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आप सभी का मेरे एक और लेख में जिसमें मैं आज आपको वैद्यनाथ मंदिर के बारे में बताऊंगा। इस मंदिर को बाबा वैद्यनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। वैद्यनाथ धाम भगवान शिव जी के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। जिन्हे भगवान शिव के सबसे पवित्र निवास स्थान माना जाता है। वैद्यनाथ मंदिर झारखंड राज्य के देवधर नामक स्थान पर स्थित है। जिसमें बाबा वैद्यनाथ का मुख्य मंदिर है। जो एक ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थित है

 

विषय सूची

1-  वैद्यनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व।

2-  वैद्यनाथ मंदिर का इतिहास।

3-  वैद्यनाथ मंदिर की वास्तुकला।

4-  बैद्यनाथ मंदिर खुलने का समय।

5-  वैद्यनाथ मंदिर  के पास के दर्शनीय स्थल।

6-  वैद्यनाथ मंदिर कैसे पहुंचे ?



वैद्यनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व (Religious Significance)

वैद्यनाथ मंदिर के बारे में धार्मिक ग्रन्थों में कहा गया है कि लंका पति रावण भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई वर्षों तक कैलाश पर्वत में तप करता रहा लेकिन भगवान शिव उसकी तपस्या से प्रसन्न नहीं हुये। यह देख रावण ने एक-एक करके अपने सिरों को काटना शुरू कर दिया नौ सिर काटने के बाद जब रावण अपना दसवां सिर काट रहा थातब भगवान शिव ने रावण को दर्शन दिये और उन्होने रावण के सभी सिरों को यथावत कर दिया और प्रसन्न होकर रावण से वर मांगने को कहा तो रावण ने सबसे ज्यादा बलशाली होने का वर मांगा। भगवान शिव ने रावण कि इच्छा पूरी कर दी रावण बहुत खुश हुआ और भगवान शिव से प्रार्थना करने लगा कि तुम मेरे साथ लंका को चलो।

भगवान शिव बहुत असमंजस में फस गए। उन्होने रावण से कहा कि जिस शिव लिंग कि तुमने तपस्या कि है उसे तुम अपने साथ लंका ले जाओ परंतु याद रखना अगर लंका से पहले कहीं पर भी तुमने इस लिंग को नीचे जमीन में रखा तो यह लिंग वही पर स्थापित हो जाएगा। भगवान शिव की बात सुनकर रावण पसन्न हुआ और उस लिंग को ले कर लंका की ओर चल पड़ा। लंका जाते समय बीच रास्ते में रावण को लघु शंका (मूत्र) आने लगी। तो वहीं रास्ते में चल रहे बैजु नाम के एक लड़के को शिव लिंग दे कर रावण लघु शंका (मूत्र) करने चला गया। वह लड़का ज्यादा देर तक उस लिंग का भार सहन नहीं कर सका तो उसने वह लिंग वहीं जमीन में रख दिया।

कहा जाता है कि बैजु नाम का लड़का कोई और नहीं भगवान विष्णु जी थे। देवता गण नहीं चाहते थे कि शिव लिंग लंका में जाए। जब रावण वापस आया तो उसने देखा शिव लिंग जमीन में स्थापित हो गया है। वह भगवान शिव की लीला को समझ गया और दंडवत प्रणाम कर वहाँ से चला गया। रावण के जाने के बाद सभी देवता गण वहाँ पर आए और विधिवत रूप से उस लिंग कि पुजा आराधना कर उस लिंग को वहीं पर स्थापित कर दिया। उसी लिंग का नाम वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग रखा गया है। 


Baidyanath Temple । वैद्यनाथ मंदिर । Famous Hindu Temples
Baidyanath Temple Image 1


जानिए काशी विश्वनाथ मंदिर के इतिहास के बारे में

 

वैद्यनाथ मंदिर का इतिहास (History)

प्राचीन समय में बने हुए वैद्यनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार आदित्य सेन गुप्त ने 8 वीं शताब्दी में किया था। मुगल शासन काल के दौरान कच्छवाहा के राजपूत शासक राजा मान सिंह आमेर (आम्बेर) ने  यहां एक तालाब बनाया थाजिसे मानसरोवर के नाम से जाना जाता है। मंदिर का मुख पूर्व की ओर है और यह मंदिर एक पिरामिड पत्थर से निर्मित एक सादे पत्थर की संरचना हैजो 72 फीट ऊंचा है। इसके ऊपर तीन सघन रूप से सोने के बर्तन रखें हुये हैं।


Baidyanath Temple । वैद्यनाथ मंदिर । Famous Hindu Temples
Baidyanath Temple Image 2

Do You Want Know About World Sanskrit Day Click Here


वैद्यनाथ मंदिर की वास्तुकला (Architecture)

वैद्यनाथ मंदिर का निर्माण पगोडा शैली के अनुसार किया गया है। जहां पर पत्थरों में सूक्ष्म नक्काशी की गई है। मंदिर की परिसर को विशाल पत्थरों से बनाया गया है। इस मंदिर में विभिन्न प्रकार के 21 मंदिर और बने हुए हैं। इन मंदिरों में से प्रमुख वैद्यनाथ मंदिर है। यहाँ पर माँ पार्वतीभगवान श्रीगणेशब्रह्मा जीकालभैरव, कालीअन्नपूर्णा और लक्ष्मी-नारायण सहित अन्य देवताओं के मंदिर स्थित हैं। माँ पार्वती मंदिर लाल पवित्र धागे के साथ शिव मंदिर से जुड़ा हुआ है। मुख्य मंदिर के ऊपर एक पिरामिड टॉवर है जिसमें तीन सोने के बर्तन हैं इन्हें गिधौर के राजा पूरन सिंह ने उपहार के रूप में दिए थे। इस मंदिर में त्रिशूल आकृति वाले पाँच चाकू भी हैंऔर साथ में एक कमल का गहना भी है जिसमें आठ पंखुड़ियाँ हैं। जिन्हें चंद्रकांता मणि कहा जाता है। मंदिर के सामने भगवान शिव का एक विशाल नंदी पर्वत भी विराजमान है।


Baidyanath Temple । वैद्यनाथ मंदिर । Famous Hindu Temples
Baidyanath Temple Image 3

Do You Want Know About Lauki Kofta Recipe Click Here

 

बैद्यनाथ मंदिर खुलने का समय (Opening Time)

बैद्यनाथ मंदिर के खुलने और बंद होने के बारे में और यहाँ पर होने वाले विभिन्न अनुष्ठानों के बारे में नीचे बताया गया है।

वैद्यनाथ मंदिर का खुले और बन होने का समय - सुबह 4:00 बजे से रात 9:00 बजे तक है।

बाबा बैद्यनाथ धाम के दर्शन का समय - सुबह 5:40 से दोपहर 3:30 बजे तक और शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक।

बाबा बैद्यनाथ धाम पूजा और आरती का समय - विशेष पूजा सुबह 4:00 बजे से 4:15 बजे तक।

थोमाला सेवा सुबह 4:30 बजे।

काकड़ आरती सुबह 5:00 बजे।

भजन सुबह 5:05 बजे।

स्नान सुबह 5:35 बजे।

आरती सुबह 5:40 बजे।

दर्शन 6:00 से शाम को 3:30 तक

दर्शन शाम को 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक

रात्री 9:00 बजे मंदिर बंद हो जाता है।

 

वैद्यनाथ मंदिर  के पास के दर्शनीय स्थल (Visiting Places)

वैद्यनाथ मंदिर के आस पास घूमने वाली कुछ प्रमुख जगहों के बारे में नीचे जानकारी दी गयी है।

1- नंदन पहाड़

नंदन पहाड़ झारखंड में देवघर जिले में एक पहाड़ी की चोटी पर बना एक मनोरंजन पार्क है। यह एक पिकनिक स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैजहां सभी के लिए कई प्रकार गतिविधियां की जाती हैं। इस क्षेत्र में नौका विहार कर सकता है या नंदी में स्थित मंदिर में अपनी प्रार्थना कर सकता है। इस पार्क में लगभग सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं। जो यहीं आस पास में ही रहते है।

2- तपोवन गुफाएं और पहाड़ियां

यह स्थान देवघर से 10 किमी की दूरी पर स्थित है। इस स्थान में तपोनाथ महादेव नाम का एक  शिव मंदिर हैऔर वहां पर कई गुफाएं भी मौजूद हैं। इन्ही गुफाओं में से एक गुफा में भगवान शिव जी का एक लिंग स्थापित है। ऐसी मान्यता हैकि ऋषि वाल्मीकि इन गुफाओं में तपस्या के लिए यहाँ पर आए थे।

3- नौलखा मंदिर

नौलखा मंदिर झारखंड के देवघर में स्थित है। बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर से सिर्फ 1.5 किमी की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की ऊंचाई 146 फीट है। यह मंदिर भगवान राधा-कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर के निर्माण कार्य में 9 लाख रुपए लगे थे। इसलिए इस मंदिर का नाम  नौलखा (नौ लाख) मंदिर रख दिया गया था। यह मंदिर बेलूर के रामकृष्ण मंदिर से काफी मिलता-जुलता है।

4- बासुकीनाथ

यह मंदिर झारखंड के दुमका जिले में स्थित है। बासुकीनाथ हिंदुओं के लिए एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय पूजा स्थल है। इस मंदिर में हर साल लाखों तीर्थयात्री दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित हैजो यहाँ के पीठासीन देवता हैं। श्रावण के महीने में इस मंदिर में भीड़ काफी बढ़ जाती है।

5- सत्संग आश्रम

झारखंड के देवधार में स्थित सत्संग आश्रम एक पवित्र स्थान है जहाँ पर श्री ठाकुर अनुकुलचंद्र के अनुयायी पूजा करने के लिए एकत्रित होते हैं। आश्रम के परिसर में एक चिड़ियाघर और एक संग्रहालय भी है। यहाँ पर सभी उम्र के लोग सत्संग करने के लिए आते हैं।

 

वैद्यनाथ मंदिर कैसे पहुंचे (How To Reach) ?

वैद्यनाथ मंदिर में हवाई मार्ग से पहुँचने के लिये अटल विहारी वजपाई अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टेक्सी के माध्यम से पहुँच सकते हैं। हवाई अड्डे से वैद्यनाथ मंदिर की दूरी 8 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से वैद्यनाथ मंदिर में पहुँचने के लिए वैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन से टेक्सी के माध्यम से पहुँच सकते हैं। रेलवे स्टेशन से वैद्यनाथ मंदिर की दूरी 1 किलोमीटर है।

रोड मार्ग से वैद्यनाथ मंदिर पहुँचने के लिए देवघर शहर के लिए नियमित रूप से बस सेवाएं चलती हैं। वे पटनारांची आदि स्थानों से दिन या रातरोडवेज या निजी बसों के माध्यम से पहुँच सकते हैं। आप एक ही मार्ग के लिए साझा टैक्सी या टैक्सी भी ले सकते हैं।

Baidyanath Temple । वैद्यनाथ मंदिर । Famous Hindu Temples Road Map
Baidyanath Temple Road Map


भीमशंकर मंदिर के बारे में जानने के लिए यहाँ पर क्लिक  करें 


बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास होटल (Near Hotels)

वैद्यनाथ मंदिर के पास स्थित होटेलों के बारे में जानकारी नीचे दी गयी है। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी होटल में रुक सकते हैं-

1-Hotel Mahadev Palace.

2-Hotel Ganga Palace.

3-Hotel Shree Hari.

4-Hotel Yatrik.

5-Hotel Kartik.

6-Hotel Meera Palace.

7-HOTEL RELAX.

8-Maa Tara Hotel, Deoghar.

9-New Yatrik Hotel.

10-Hotel Marine Blu

 

Conclusion

आशा करता हूँ कि मैंने जो वैद्यनाथ मंदिर के बारे में आपको जानकारी दी वह आपको अच्छे से समझ आ गयी होगी। मैंने इस पोस्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर से संबन्धित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

अगर आप किसी मंदिर के बारे में जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताएं। जो भी लोग आपके आस पास में या आपके दोस्तो में मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैंआप उनको हमारा पोस्ट शेअर कर सकते है। हमारी पोस्ट को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

 Note

अगर आपके पास वैद्यनाथ मंदिर के बारे में और अधिक जानकारी है तो आप हमारे साथ शेअर कर सकते हैंया आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको गलत लगे तो आप तुरंत हमे कॉमेंट करके बताएं।

 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ