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Dakshineswar Kali Temple History In Hindi, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, 2021

 

Dakshineswar Kali Temple Image

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बारे में जानकारी

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आप सभी का मेरे नए लेख में जिसमें मैं आज आपको दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बारे में बताऊंगा। यह मंदिर पश्चिम बंगाल राज्य में दक्षिणेश्वर नाम की स्थान पर हुगली नदी के किनारे बसा हुआ है। यह बहुत सुंदर मंदिर है। इस मंदिर की पीठासीन देवी माता भवतारिणी हैजिन्हे माता काली का ही एक रूप माना जाता है। दक्षिणेश्वर मंदिर माता के 51 शक्ति पीठों में से एक है। यहाँ पर माता के पैर की चार अंगुलियाँ गिरी थी। यह कोलकाता के सबसे बड़े मंदिरों में से एक पवित्र हिन्दू मंदिर है।

 

विषय-सूची

              1-मंदिर का इतिहास।

              2-मंदिर की भौगोलिक स्थिति।

              3- मंदिर कैसे पहुंचे ?

दक्षिणेश्वर काली की कथा History of Dakshineswar Kali Temple

दक्षिणेश्वर काली मंदिर का निर्माण सन 1855 ईस्वी में एक काली भक्त रानी रश्मोनी द्वारा किया गया था। इतिहास के अनुसारदक्षिणेश्वर 1800 ईस्वी के शुरुआती चरण में गंगा नदी के पूर्वी तट के किनारे बसा एक मात्र गाँव था। ऐसी मान्यता है कि जनबाजार की रानी रश्मोनी ने वाराणसी की तीर्थ यात्रा के दौरान एक सपना देखा थाजहां उन्हें काली मंदिर बनाने का निर्देश दिया गया था। वह सपने से बहुत प्रभावित हुई और उसे साकार करने के लिए उन्होंने  अपने लोगों को काली मंदिर के निर्माण के लिए जमीन की खोज करने का निर्देश दिया। जमीन की लंबी खोज के बाद आखिरकार दक्षिणेश्वर गांव में 20 एकड़ जमीन का चयन किया गया। दक्षिणेश्वर मंदिर का निर्माण 1847 में शुरू किया गया था और यह 1855 में पूरा हुआ था।

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खुजराहों मंदिर का इतिहास जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर की वास्तुकला Architecture of Dakshineswar Kali Temple

दक्षिणेश्वर काली मंदिर 20 एकड़ भूमि के क्षेत्र में फैला हुआ है। दक्षिणेश्वर मंदिर को पारंपरिक 'नव-रत्नया बंगाल वास्तुकला की नौ शिखर शैली में बनाया गया था। यह तीन मंजिला दक्षिणमुखी मंदिर के ऊपरी दो मंजिलों में नौ शिखर हैंऔर सीढ़ियों के साथ एक ऊंचे मंच पर खड़ा है। मंदिर के गर्भगृह में देवी काली की एक मूर्ति हैजिसे माता भवतारिणी के नाम से जाना जाता हैजो भगवान शिव की सोयी हुई मुद्रा में उनकी छाती में खड़ी हुयी है। यहाँ चांदी से बने एक हजार पंखुड़ियों वाले कमल पर दो मूर्तियों को खूबसूरती से रखा गया है। मंदिर के सामने एक विशाल विशाल नटमंदिर (नृत्य कक्ष) बनाया गया है।

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर की भौगोलिक स्थिति Geographical location of Dakshineswar Kali Temple

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पास नदी के किनारे शिव को समर्पित बारह मंदिर हैंराधा-कृष्ण का मंदिरनदी पर स्नान घाटरानी रश्मोनी को समर्पित एक मंदिर है। यहाँ पर शिव मंदिरों के अंतिम भाग के ठीक आगे उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित कक्ष हैजहाँ रामकृष्ण ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा बिताया था। काली पूजा के दौरान दक्षिणेश्वर काली मंदिर आकर्षण का केंद्र होता है। मंदिर को फूलों और अद्भुत प्रकाश से खूबसूरती से सजाया गया है। इस मंदिर में अमावस्या के दिन बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ लगी रहती है। मंगलवार और शनिवार को काली पूजा के लिए शुभ दिन माना गया है और संध्या आरती मंदिर का प्रमुख आकर्षण हैजो बहुत अद्भुत होती है।

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ब्रह्मा मंदिर पुष्कर का इतिहास यहाँ से जाने। 

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर में आने का समय dakshineswar kali temple kolkata timing

दक्षिणेश्वर काली मंदिर में आने का समय: अक्टूबर से मार्च- सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम को 3 बजे से रात को 8:30बजे तक अप्रैल से सितंबर- सुबह 6 बजे से दोपहर 12:30 तक और शाम को 3 बजे से रात 9 बजे तक है।

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर पूजा या आरती का समय Dakshineshwar Kali Temple Puja or Aarti Time

दक्षिणेश्वर काली मंदिर  में दिन दो बार पुजा होती अगर आप सुबह के समय पुजा करना चाहते हो तो आप सुबह 6 बजे से 12 बजे के बीच जा सकते हो। मंदिर दिन में 12:30 से 3 बजे तक बंद रहता है। शाम को 3 बजे से 9 बजे के बीच कभी भी पुजा कर सकते हैं।

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पास दर्शनीय स्थल Dakshineswar Kali Temple Near Visiting Places

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के आस पास घूमने वाली कुछ प्रमुख जगहों के बारे में जानकारी नीचे दी गयी है।

1- बेलूर मठ

बेलूर मठ रामकृष्ण मिशन का मुख्यालय है। जिसकी स्थापना रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद ने की थी। यह पश्चिम बंगाल राज्य में हुगली नदी के पश्चिमी तट पर स्थित हैऔर कोलकाता के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है। यह मठ रामकृष्ण आंदोलन का केंद्र भी है। यह अपनी वास्तुकला के लिए उल्लेखनीय है जो हिंदूइस्लामीबौद्ध और ईसाई कला और रूपांकनों को सभी धर्मों की एकता के प्रतीक के रूप में जोड़ता है। यह मठ मंदिर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

2- हावड़ा ब्रिज

हावड़ा ब्रिज पश्चिम बंगाल राज्य में हुगली नदी पर बना एक संतुलित कैंटिलीवर ब्रिज है। यह ब्रिज 1943 में कमीशन किया गयाइस पुल को उस सामी न्यू हावड़ा ब्रिज नाम दिया गया थाक्योंकि इसने हावड़ा और कोलकाता के दो शहरों को जोड़ने वाले एक ही स्थान पर एक पोंटून पुल को बदल दिया था। 14 जून 1965 को महान बंगाली कवि रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर इसका नाम बदलकर रवींद्र सेतु रखा गया थाजो पहले भारतीय और एशियाई नोबेल पुरस्कार विजेता थे। मंदिर से इस पुल की दूरी लगभग 11 किलोमीटर है।

3- विक्टोरिया मेमोरियल

विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता में एक बड़ी संगमरमर की इमारत है।  इस मेमोरियल का निर्माण सन 1906 से 1921 ईस्वी के बीच किया गया था। यह महारानी विक्टोरिया की याद में बनाया गया एक महल है। अब इसे संस्कृति मंत्रालय ने एक संग्रहालय बना दिया है। यह स्मारक एक विशाल मैदान पर स्थित है। यह कोलकाता के प्रसिद्ध स्मारकों में से एक है। मंदिर से इस मेमोरियल की दूरी लगभग 16 किलोमीटर है।

4- मिलेनियम पार्क

मिलेनियम पार्क कोलकाता में स्थित एक निजी पार्क है। जो हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्ट्रैंड रोड के साथ फेयरली घाट के पास स्थित है। इस पार्क में लैंडस्केप गार्डन और बच्चों के मनोरंजन की सवारी भी शामिल हैं। इसे कोलकाता के प्रदूषित जलमार्ग के लिए हरित क्षेत्र प्रदान करने के लिए नदी के किनारे खोला गया था। यह पार्क सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहता है। मंदिर से पार्क की दूरी लगभग 14 किलोमीटर है।

5- फोर्ट विलियम

फोर्ट विलियम हेस्टिंग्स कलकत्ता में स्थित एक किला है। यह ब्रिटिश भारत के बंगाल प्रेसीडेंसी के प्रारंभिक वर्षों के दौरान बनाया गया था। यह हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। यह कोलकाता की सबसे स्थायी राज-युग की इमारतों में से एक है। इस किले का नाम किंग विलियम के नाम पर रखा गया था। इस किले के सामने मैदान हैजो शहर का सबसे बड़ा पार्क है। 

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दक्षिणेश्वर काली मंदिर कैसे पहुंचे How to reach Dakshineswar Kali Temple

हवाई मार्ग से दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पहुँचने के लिये कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से ऑटो टैक्सी या टैक्सी के माध्यम से पहुँच सकते हैं। हवाई अड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 12 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पहुँचने के लिये दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन से पैदल ही मंदिर परिसर तक पहुँच सकते हो। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 700 मीटर है।

रोड मार्ग से दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पहुँचने के लिये पश्चिम बंगाल राज्य के किसी भी शहर से परिवहन निगम की बसों,निजी बसों और टैक्सियों के माध्यम से मंदिर परिसर में पहुँच सकते हैं।

 

Dakshineswar Kali Temple Road map
Dakshineswar Kali Temple Road map

कोलकाता में दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पास होटल (Hotels near Dakshineswar Kali Temple in Kolkata

दक्षिणेश्वर काली मंदिर के पास के होटलों की लिस्ट निम्न प्रकार है-

1-De Sovrani

2-Feb Hotel

3-Debalay Guest House

4- Hotel Emerald

5-Red Rose Hotel

6-Shubhham Regency

7-North Star Hotel

8-Hotel Olympus Inn

9-Harry Guest House

10-Hotel Transit Inn

Kali Ma Image
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