Kashi Vishwanath Temple History In Hindi, काशी विश्वनाथ मंदिर, 2021

 

Kashi Vishwanath Temple Image

काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में जानकारी

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आप सभी का मेरे एक और नये लेख में जिसमें मैं आज आपको काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में बताऊंगा। यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित है। गंगा नदी के तट स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदुओं का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है। वाराणसी हमारे देश की एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी है। इसे हमारी धार्मिक राजधानी भी कहा जाता है। यह हिंदुओं की सप्तपुरी में से भी एक है।

 

विषय सूची

1-  काशी विश्वनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व।

2-  काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास।

3-  काशी विश्वनाथ मंदिर की वास्तुकला।

4-  काशी विश्वनाथ मंदिर का समय।

5-  काशी विश्वनाथ मंदिर के पास घूमने की जगहें।

6-  काशी विश्वनाथ मंदिर में कैसे पहुंचे ?

 

काशी विश्वनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व (Religious Significance)

काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में शिव पुराण में बताया गया है कि इस ब्रह्मांड जो भी चीज ढिखाई दे रही है या जो भी आप महसूस कर रहे हो। वह सभी चीजें निर्गुणनिराकार ब्रह्म स्वरूप हैं। सृष्टि की स्थापना से पहले जब उस निराकार ब्रह्म स्वरूप की एक से दो होने की इच्छा हुयी तो वह शिव कहलाने लगे। कुछ समय पश्चात शिव (पुरुषऔर शक्ति (महिला) स्वरूप को भगवान ब्रह्मा जी की भविष्यवाणी सुनाई दी कि आप दोनों को तपस्या करनी चाहिये। जिससे आने वाले समय में एक सृष्टि का विस्तार होगा। तब भगवान शिव ने अपनी शक्ति से पाँच कोस का एक सुन्दर नगर का निर्माण किया। इसे पंच कोसी नगर के नाम से जाना गया। जिस समय ब्रह्मांड में प्रलय आया और समस्त भूखंड इस प्रलय में डूब गए तो उस भगवान शिव ने इस पंच नगरी को अपने त्रिशूल में रख कर इसे डूबने से बचाया था। जब पूरे ब्रह्मांड में प्रलय समाप्त हो गया तो भगवान शिव ने इस पंच कोसी नगर को अपने त्रिशूल से उतार कर भू-खंड में स्थापित कर दिया। इसी पंच कोसी नगर के बीच में भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए। बाद में यही नगर काशी के नाम से विश्व विख्यात हुआ। 

 

Kashi Vishwanath Temple Image
Kashi Vishwanath Temple Image


जाने भीम शंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के बारे में


काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास (History)

प्राचीन समय के काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार 11वीं सदी में राजा हरीश चंद्र ने करवाया था। लेकिन वर्ष 1194 ईस्वी में मोहम्मद गोरी ने इस मंदिर को तुड़वा दिया था। बाद में सन 1211 से 1266 ईस्वी के बीच एक गुजराती व्यापारी ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। लेकिन 15 वीं शताब्दी में सिकंदर लोधी के शासन काल के दौरान इस मंदिर को फिर से ध्वस्त कर दिया गया। सन 1585 ईस्वी में राजा टोडर मल ने फिर से दोबारा इस मंदिर का निर्माण करवाया लेकिन सन 1669 ईस्वी में औरंगजेब ने इस मंदिर को तोड़ कर यहाँ पर मस्जिद का निर्माण करवा दिया था, इस मंदिर के अवशेष नींव और स्तंभ आज भी मस्जिद के पिछले हिस्से में देखे जा सकते हैं। एक तरफ जहां हिन्दू शासक इस मंदिर का निर्माण करते रहे तो वहीं मुस्लिम शासक इस मंदिर को बार-बार तोड़ते रहे। मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण मराठा महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा सन 1780 ईस्वी में करवाया था। बाद में सन 1835 ईस्वी में महाराजा रणजीत सिंह द्वारा एक हजार किलोग्राम सोने का कलश इस मंदिर में चड़ाया गया था। 


Kashi Vishwanath Temple Image
Kashi Vishwanath Temple Image 1


 Do You Want About Onam Click Here


काशी विश्वनाथ मंदिर की वास्तुकला (Architecture)

काशी विश्वनाथ मंदिर गंगा नदी के तट पर बसा प्रमुख तीर्थ स्थल है। यह शहर प्रारम्भ से ही वाणिज्यिक और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इस मंदिर की समुद्र तल से 80 मीटर की ऊंचाई है। इस मंदिर के गर्भ गृह में स्थित शिव लिंग की ऊंचाई 30 सेंटीमीटर है। मंदिर के मुख्य देवता को एक चांदी की वेदी में रखा गया है। इस मंदिर परिसर के अंदर काल भैरव, कार्तिकेय, भगवान शिव और माता पार्वती सहित अन्य देवताओं के छोटे छोटे मंदिर विराजमान हैं। मंदिर के प्रांगण में एक छोटा स कुआं भी है जीसे ज्ञान का कुआं कहा जाता है। यह मंदिर तीन भागों में विभाजित है पहला मंदिर का शिखर, दूसरा शिखर के ऊपर बना सोने का गुंबद और तीसरा इस मंदिर की शान ध्वज जो गर्भगृह के ऊपर विराजमान है।

काशी नगरी में चौरासी घाट हैं। ये घाट गंगा नदी के किनारे लगभग छः किलोमीटर लंबे तट पर स्थित हैं। इन चौरासी घाटों में से अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, दसेस्वमेघ घाट, पंचगंगा घाट और आदिकेशव घाट इन पांचों घाटों को सबसे अधिक पवित्र माना जाता है। इन घाटों को पंच तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। 


Kashi Vishwanath Temple Image
Kashi Vishwanath Temple Image 2

काशी विश्वनाथ मंदिर का समय (Opening Times)

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रतिदिन सुबह 2:30 बजे खुलता है और रात 11 बजे बंद हो जाता है। मंदिर में रात को बजे के बाद तीर्थयात्रियों को गर्भगृह के बाहर से ही भगवान के दर्शन करने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान मंदिर में कई तरह के अनुष्ठान होते हैं। भक्त इन अनुष्ठानों का हिस्सा हो सकते हैं मंदिर में पुजा या आरती का समय निम्नानुसार है –

मंदिर में दर्शन का समय -      सुबह 4 बजे से दिन में 11 बजे तक।

                                          दोपहर 12 बजे से शाम को 7 बजे तक।

                                          रात्री 8:30 से 11 बजे तक।

सुबह की आरती -                  सुबह 3 बजे से 4 बजे तक।

दोपहर का भोग -                   दोपहर 11:30 से 12 बजे तक।

शाम की आरती -                   शाम 7 बजे से 8:30 तक।

                                           और रात्री 11 बजे मंदिर बंद हो जाता है।

 

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास घूमने की जगहें (Visiting Places)

काशी विश्वनाथ मंदिर हमारी धार्मिक नगरी है आप यहाँ पर कहीँ पर भी घूम सकते हो, लेकिन यहाँ पर कुछ प्रमुख घूमने वाली जगहों के बारे में नीचे बताया गया है।

1- दशाश्वमेध घाट

दशाश्वमेध घाट का शांत और धार्मिक वातावरण इसे वाराणसी में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक बनाता है। यह पर्यटक आकर्षण फूल विक्रेताओं का एक घूमता हुआ हौज है जो चमकीले फूलोंगंगा नदी के किनारे घुड़सवारी करने वाले नाव संचालक और चेहरे के रंग के साथ साधु (पवित्र पुरुष) हैं। आप दिन के दौरान इस क्षेत्र में लोगों को देखने में घंटों बिता सकते हैं। हिंदू पुजारी हर रात दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती करते हैंजो शाम लगभग 7 बजे शुरू होती है।

2- अस्सी घाट

जब वाराणसी में प्रसिद्ध स्थानों की बात आती हैतो शहर का सबसे दक्षिणी मुख्य घाट नियमित रूप से सूची में सबसे ऊपर है। अस्सी घाट का सितारा आकर्षण एक पवित्र अंजीर के पेड़ के नीचे एक शिव लिंगम है। यह हर दिन सैकड़ों तीर्थयात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करता हैजो गंगा नदी में स्नान करने के बाद भगवान शिव की पूजा करने आते हैं।

3- मणिकर्णिका घाट

मणिकर्णिका घाट के ऊपर आसमान में हमेशा धुएं के गुबार उड़ता रहता है। यह धुआँ किसी कारखाने से नहीं हैयह इस घाट पर होने वाले शाश्वत दाह संस्कार का धुआँ है। हिंदुओं का मानना​​है कि मणिकर्णिका घाट दिवंगत लोगों के लिए मोक्ष (आध्यात्मिक पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति) तक पहुंचने के लिए सबसे शुभ स्थानों में से एक है। इसीलिए इस घाट पर 24 घंटे चिताऐ जलती रहती हैं।

4- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना सन 1916 ईस्वी में हुयी थी। जिसके बाद से यह वाराणसी की पहचान का केंद्रीय हिस्सा रहा है। इस विश्वविद्यालय में 25,000 से अधिक छात्रों का रहने का घर हैजो इसे एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक बनाता है। वाराणसी के पास कोई हिल स्टेशन नहीं हैइसलिए यदि आप भीड़ और व्यस्त शहर से बचना चाहते हैंतो 1300 एकड़ के इस हरे-भरे परिसर में आएं। शांत क्षेत्र सैकड़ों ऊंचे पेड़ों से छायांकित है और बनारस घाटों के व्यस्त वातावरण से ताजी हवा की सांस देता है।

5-रामनगर किला

भारत में कुछ ऐसे स्थान हैं जहां किले नहीं हैंऔर वाराणसी कोई अपवाद नहीं है। शहर के केंद्र से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर आपको रामनगर का किला मिलेगा। जिसे 18 वीं सदी के बलुआ पत्थर से बनाया गया था। अब इस महल का उपयोग एक विचित्र संग्रहालय के रूप में किया जाता है। इस महल में एक खगोलीय घड़ी है जो लगभग 150 वर्ष से अधिक पुरानी है।


ओंकारेश्वर मंदिर का इतिहास भी जानें 


काशी विश्वनाथ मंदिर में कैसे पहुंचे (How to reach) ?

काशी विश्वनाथ मंदिर में आप तीनों मार्गों से पहुँच सकते हो।

हवाई मार्ग से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचने के लिए लाल बहादुर अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टेक्सी के माध्यम से मंदिर परिसर में पहुँच सकते हैं। हवाई अड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचने के लिए वाराणसी सिटी जंकसन से टेक्सी या ऑटो टैक्सी के माध्यम से मंदिर परिसर में पहुँच सकते हैं। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 3.5 किलोमीटर है।

रोड मार्ग से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचने के लिए के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन की बसें और निजी बसें अलग-अलग शहरों से नियमित रूप से यहाँ के लिए चलती रही हैं। 


Kashi Vishwanath Temple Road Map
Kashi Vishwanath Temple Road Map

जानिए महा कालेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारें में 


काशी विश्वनाथ मंदिर के पास होटल (hotel near)

काशी विश्वनाथ मंदिर के पास के होटलों की जानकारी नीचे दी गयी है। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी होटल में रुक सकते हैं।

1-Radha Krishna Home.

2-Tripti hotel Lodge.

3-SHIVRATRI GUEST HOUSE.

4-Hotel Divine Destination.

5-THE GOPAL RESIDENCY.

6-Hotel Ganges Grand.

7-Liberty Guest House.

8-Hotel Saffron.

9-Family Guest House.

10-Shree Ganesha Palace.

 

Conclusion

आशा करता हूँ कि मैंने जो काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में आपको जानकारी दी वह आपको अच्छे से समझ आ गयी होगी। मैंने इस पोस्ट से काशी विश्वनाथ मंदिर से संबन्धित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

अगर आप किसी मंदिर के बारे में जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताएं। जो भी लोग आपके आस पास में या आपके दोस्तो में मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैंआप उनको हमारा पोस्ट शेअर कर सकते है। हमारी पोस्ट को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

 Note

अगर आपके पास काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में और अधिक जानकारी है तो आप हमारे साथ शेअर कर सकते हैंया आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको गलत लगे तो आप तुरंत हमे कॉमेंट करके बताएं।


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ