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Saawariya Seth Mandir Rajasthan, सांवरिया सेठ मंदिर, 2022

Saawariya Seth Mandir, सांवरिया सेठ मंदिर

सांवरिया सेठ मंदिर के बारे में जानकारी। 

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का मेरे एक और नये लेख में जिसमें मैं आज आपको राजस्थान में स्थित सांवरिया सेठ मंदिर के बारे में बताऊँगा। यह मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ से लगभग 40 किलोमीटर दूर मंडाफिया और चापर नामक शहर में स्थित हैं। इस मंदिर में स्थित भगवान श्री कृष्ण को सांवरिया सेठ के नाम से जाना जाता है। मंडाफिया और चापर नामक शहर को श्री सांवरिया धाम के नाम से जाना जाता है। सांवरिया धाम वह स्थान है जहां भगवान श्री कृष्ण निवास करते हैं। सांवरिया सेठ का यह पावन मंदिर सम्पूर्ण राजस्थान में बहुत प्रसिद्ध है।

 

विषय-सूची

1- सांवरिया सेठ मंदिर का धार्मिक इतिहास।

2- सांवरिया सेठ मंदिर का इतिहास।

3- सांवरिया सेठ मंदिर की वास्तुकला।

4- सांवरिया सेठ मंदिर खुलने का समय।

5- सांवरिया सेठ मंदिर में मनाये जाने वाले त्योहार।

6- सांवरिया सेठ मंदिर के आस पास घूमने के स्थान।

7- सांवरिया सेठ मंदिर में कैसे पहुँचे ?

8- सांवरिया सेठ मंदिर के आस पास के होटल।

 

सांवरिया सेठ मंदिर का धार्मिक इतिहास

सांवरिया सेठ मंदिर के बारे में एक प्राचीन कथा प्रचलित है, जिसके बारे में लोग बताते है कि सन 1840 ईस्वी में भोलाराम गुर्जर नाम के एक दूधवाले ने एक सपना देखा, जिसमें उन्होंने भादसोड़ा-बगुंड के चापर गांव में दफन हुई तीन दिव्य मूर्तियों को देखा था। बाद में उन्होंने उस जगह की खुदाई शुरू की जहां पर उन्होंने सपना देखा था। खुदाई में उन्हे भगवान कृष्ण की तीन सुंदर मूर्तियाँ मिली थी। उन मूर्तियों में से उन्होंने एक मूर्ति मंडाफिया में, दूसरी भादसोड़ा में और तीसरी मूर्ति उसी स्थान पर स्थापित की जहां पर वह मूर्तियाँ मिली थी। इन तीनों स्थानों पर सुंदर मंदिरों का निर्माण किया गया और यह मंदिर लोगों के बीच में सांवलिया जी के नाम से प्रसिद्ध हो गए। जो भी भक्त सच्चे मन से श्री सांवलिया सेठ के दरबार में पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

 

Saawariya Seth Mandir, सांवरिया सेठ मंदिर

सांवरिया सेठ मंदिर का इतिहास

सांवरिया सेठ मंदिर का इतिहास लगभग 250 साल पुराना है। मंदिर समय में इनका मंदिर बहुत छोटा था। जो समय के साथ क्षीण होते गया। बाद में इस मंदिर का पुनर्निर्माण करके इस मंदिर को शानदार और भव्य बनाया गया। भगवान श्री कृष्ण को अनेक नामों से सांवलिया जी, सांवरिया सेठ,सांवरा सेठ या सेठो के सेठ के नाम से भी जाना जाता है।

 

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सांवरिया सेठ मंदिर की वास्तुकला

सांवरिया सेठ मंदिर की वास्तुकला उत्तर भारत के हिंदू मंदिरों की स्थापत्य शैली से मिलती जुलती है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान श्री कृष्ण की आकर्षक और शानदार मूर्ति विराजमान है। इस मंदिर के गर्भगृह का आकार बहुत बड़ा है, जिस कारण इसमें धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन बहुत आराम से हो जाता है। मंदिर के ऊपर एक विशाल सीकरा है, मंदिर की छत और फर्श को पारंपरिक हिन्दू मंदिरों की तरह ही बनाया गया है। इस परिसर में अन्य देवी देवताओं के भी छोटे-छोटे मंदिर विराजमान हैं। मंदिर की दीवारों पर स्थानीय देवी-देवताओं की मूर्तियों को आकर्षक ढंग से तराशा गया है। जो इस मंदिर की सुंदरता को और बढ़ देते हैं।

 

सांवरिया सेठ मंदिर खुलने का समय

सांवरिया सेठ मंदिर प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे खुलता है रात 11:00 बजे बंद हो जाता है। मंदिर में पूजा-पाठ और दर्शन के समय के बारे में नीचे बताया गया है।

मंदिर खुलने का समय – सुबह 5:30 बजे।

मंदिर में सुबह की पूजा का समय – सुबह 5:30 बजे।

मंदिर में सुबह के दर्शन का समय – सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।

मंदिर के दोपहर में बंद होने का समय – दोपहर 12:00 बजे से 2:30 बजे तक।

मंदिर में शाम के दर्शन का समय – शाम 2:30 बजे से रात 11:00 बजे तक।

मंदिर में शाम की पूजा का समय – रात 8:00 बजे से 9:15 बजे तक।

मंदिर में भजन कीर्तन – रात 9:15 बजे से 11:00 बजे तक।

 

Saawariya Seth Mandir, सांवरिया सेठ मंदिर

सांवरिया सेठ मंदिर में मनाये जाने वाले त्योहार

सांवरिया सेठ मंदिर में हिन्दुओं के सभी त्योहार मनाये जाते हैं। लेकिन इस मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़े धूम धाम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन पूरे मंदिर परिसर को सजाया जाता है। उस दिन मंदिर में श्री कृष्ण के दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है, और सभी लोग मंदिर परिसर में भजन कीर्तन करते है। सभी लोग श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार को पूरे हर्षो उल्लास के साथ मनाते हैं।

 

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सांवरिया सेठ मंदिर के आस पास घूमने के स्थान

सांवरिया सेठ मंदिर के आस पास घूमने वाले प्रमुख जगहों के बारे में नीचे बताया गया है।

1- चित्तौड़गढ़ किला

चित्तौड़गढ़ किला जिसे चित्तौड़गढ़ या चित्तौड़ का किला के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन समय में यह किला मेवाड़ की राजधानी हुआ करता था। यह किला एक ऊंची पहाड़ी पर बना था। इस किले में चार महल, 19 बड़े- बड़े मंदिर, 20 जल निकाय, 4 स्मारक और कुछ विजय मीनारें शामिल हैं। इस किले को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।

2- कालिका माता मंदिर

यह कालिका माता मंदिर चित्तौड़गढ़ नगर पालिका के अंदर चित्तौड़ किले में बना आठवीं शताब्दी का एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। प्रारंभ में यह एक सूर्य मंदिर था लेकिन यह मंदिर धीरे-धीरे क्षीण हो गया था। राणा कुंभा ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया और इस मंदिर में एक देवी की स्थापना की। बाद में यह देवी कालिका माता के रूप में मोरी पंवार कुल की कुलदेवी के रूप जानी गयी।

3- विजय स्तम्भ

यह विजय स्तम्भ चित्तौड़ किले के भीतर स्थित एक भव्य विजय स्मारक है। इसका निर्माण सन 1448 ईस्वी में मेवाड़ के हिंदू राजपूत राजा राणा कुंभा ने मालवा और गुजरात सल्तनत की सेनाओं ने महमूद खिलजी पर विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में बनाया था। यह स्तम्भ राजस्थान में विजय का प्रतीक माना जाता है।

4- समाधिश्वर मंदिर

समाधिश्वर मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। भगवान शिव को इस मंदिर में समाधिश्वर (समाधि वाले देवता के रूप) के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था। 15वीं शताब्दी में इस मंदिर का फिर से जीर्णोद्धार किया गया था।

5- राणा कुंभा पैलेस

राणा कुंभा पैलेस का निर्माण 15वीं शताब्दी में किया गया था। इस महल में चित्तौड़गढ़ के शासक राणा कुंभा अपने परिवार के साथ शाही जीवन व्यतीत करते थे। इस महल की आकर्षक बनावट और सुंदर कलात्मक वास्तुकला पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है। राणा कुंभा पैलेस चित्तौड़ किले के अंदर सबसे पुरानी संरचना है।

 

Saawariya Seth Mandir, सांवरिया सेठ मंदिर

सांवरिया सेठ मंदिर में कैसे पहुँचे ?

हवाई मार्ग से सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान में पहुँचने के लिये महाराणा प्रताप हवाई अड्डे से टैक्सी या बस के माध्यम से मंदिर तक पहुँच सकते हैं। हवाई अड्डे से मंदिर की दूरी लगभग 58 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान में पहुँचने के लिये चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से ऑटो टैक्सी या बस के माध्यम से मंदिर परिसर तक पहुँच सकते हो। रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 33 किलोमीटर है।

रोड मार्ग से सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान में पहुँचने के लिये राजस्थान राज्य के किसी भी शहर से परिवहन निगम की बसों,निजी बसों और टैक्सियों के माध्यम से मंदिर परिसर में पहुँच सकते हैं।

 

Saawariya Seth Mandir Road Map

सांवरिया सेठ मंदिर के आस पास के होटल

सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान के आस पास स्थित होटलों के बारे में जानकारी नीचे दी गई है आप आपनी सुविधानुसार किसी भी होटल में रुक सकते हो।

1- Hotel Harshit Palace, Kapasan.

2- Hotel deep palace.

3- Castle Narela Lake Resort.

4- Hotel Ratan Palace.

5- Hotel Shree Seth.

6- Hotel Udai Palace.

7- Hotel Vijay Laxmi.

8- HOTEL KISAN किसान.

9- Hotel vardhman.

10- Hotel Chitrakoot Heritage Resorts.

 

Conclusion

आशा करता हूँ कि मैंने जो आपको सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान के बारे में आपको जानकारी दी वह आपको अच्छे से समझ आ गयी होगी। मैंने इस पोस्ट में इस मंदिर से संबन्धित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

 अगर आप किसी मंदिर के बारे में जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताएं। जो भी लोग आपके आस पास में या आपके दोस्तो में मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैं, आप उनको हमारा पोस्ट शेअर कर सकते है। हमारी पोस्ट को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

 

 Note

अगर आपके पास सांवरिया सेठ मंदिर राजस्थान के बारे में और अधिक जानकारी है तो आप हमारे साथ शेअर कर सकते हैं, या आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको गलत लगे तो आप तुरंत हमे कॉमेंट करके बताएं।

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