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विष्णुप्रयाग के बारे में जानकारी, Vishnuprayag, 2022


विष्णुप्रयाग के बारे में जानकारी

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का मेरे इस लेख में जिसमें मैं आज आपको विष्णुप्रयाग के इतिहास के बारे में बताऊँगा। विष्णुप्रयाग उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। यह धार्मिक शहर अलकनंदा और धौलीगंगा नदी के संगम स्थान पर बसा हुआ है। विष्णुप्रयाग उत्तराखंड के खूबसूरत वादियों में समुद्र तल से लगभग 1372 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में विष्णुप्रयाग का बहुत महत्व है।

 

विष्णुप्रयाग,Vishnuprayag

विषय-सूची

1- विष्णुप्रयाग का इतिहास।

2- विष्णुप्रयाग का महत्व।

3- विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना।

4- विष्णुप्रयाग के आस पास घूमने के स्थान।

5- विष्णुप्रयाग में कैसे पहुँचे?

6- विष्णुप्रयाग के पास स्थित होटल।

 

विष्णुप्रयाग का इतिहास History of Vishnuprayag

विष्णुप्रयाग के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि ऋषि नारद ने भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और उनसे क्षमा मांगने के लिए अलकनंदा और धौलीगंगा नदी के संगम पर तपस्या की थी। नारद की भक्ति देखकर भगवान विष्णु ने उन्हे दर्शन दिए और अपना आशीर्वाद देकर क्षमा किया। इस पवित्र नदियों के संगम से 2 किलोमीटर की दूरी पर भगवान विष्णु का मंदिर स्थित है। भगवान विष्णु के इस मंदिर का निर्माण इंदौर की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था। सन 1889 ईस्वी में इस पवित्र संगम के पास एक अष्टकोणीय मंदिर का निर्माण किया था। जिसमें एक शिव लिंग और भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित की गई थी। इस मंदिर से एक रास्ता विष्णु कुंड की ओर जाता है। इस कुंड का पवित्र पानी अलकनंदा और धौलीगंगा नदी के संगम पर गिरता है। इसी मंदिर के नाम पर इस संगम का नाम विष्णुप्रयाग रखा गया है। विष्णुप्रयाग उत्तराखंड का एक पवित्र हिन्दू धार्मिक तीर्थ स्थल है। यह स्थान पवित्र आश्रमों और प्राचीन मंदिरों के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है। यहाँ की सांस्कृतिक और धार्मिक मान्यतायें इसे एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल बनाती हैं।

 

फूलों की घाटी

विष्णुप्रयाग का महत्व Significance of Vishnuprayag

विष्णुप्रयाग बहुत पावन और पवित्र जगह है। उत्तराखंड की पवित्र चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले भक्त विष्णुप्रयाग आकर इस पवित्र संगम में डुबकी लगाते हैं। यहाँ की हरियाली और हिमालय के शानदार पहाड़ सभी पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। प्रकृति से प्रेम करने वाले सभी लोगों के लिए यह जगह बहुत शानदार है। आप यहाँ पर धर्म आस्था के साथ-साथ शांत वातावरण का भी आनंद ले सकते हैं। विष्णुप्रयाग के आस पास बहुत से पर्यटन स्थल हैं। जहाँ पर आप प्रकृति की सुंदरता को बहुत करीब से देख सकते हो।

 

पंच प्रयाग के बारे में जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें। 


विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना

विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना का स्वामित्व जेपी इंडस्ट्रीज के पास है। यह विद्युत परियोजना लगभग 12 किलोमीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। यह परियोजना 400 मेगा वाट बिजली का उत्पादन करती है। इस परियोजना के पास ही एक हनुमान जी का मंदिर भी स्थित है।

 

विष्णुप्रयाग,Vishnuprayag

केदारनाथ मंदिर के बारे में जानने के लिए यहाँ पर क्लिक करें। 


विष्णुप्रयाग के आस पास घूमने के स्थान places to visit near Vishnuprayag

विष्णुप्रयाग के आस पास घूमने घूमने वाली कुछ प्रमुख जगहों के बारे में नीचे बताया गया है। जहाँ पर आप अपने परिवार के साथ प्रकृति के शानदार दृश्यों का आनंद ले सकते हो।

1- फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान

फूलों की घाटी एक राष्ट्रीय उद्यान है। जिसकी स्थापना सन 1982 ईस्वी में की गई थी। यह राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है। यहाँ पर अनेक प्रकार के फूल और प्राकर्तिक वनस्पतियों देखने को मिलती हैं। यह क्षेत्र दुर्लभ और विलुप्त होने वाले जानवरों का घर है। इस पार्क में एशियाई काला भालू, हिम तेंदुआ, कस्तूरी मृग और हिमालयन मोनाल आदि प्राणी पाए जाते हैं।

2- कल्पेश्वर महादेव मंदिर

कल्पेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड राज्य के गढ़वाल क्षेत्र में लगभग 2200 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की घाटी पर स्थित है। यह भगवान शिव को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। कल्पेश्वर महादेव पंच केदार का पांचवां मंदिर है। यह मंदिर पंच केदार का एकमात्र मंदिर है जहाँ पूरे साल भर पहुंचा जा सकता है।

3- गोर्सन बुग्याल

गोर्सन बुग्याल चमोली जिले में स्थित एक हिमालयी अल्पाइन घास का मैदान है। यह बुग्याल का मैदान समुद्र तल से 3519 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस मैदान में स्कीइंग भी की जाती है। गोर्सन बुग्याल कई सौ एकड़ भूमि में फैला हुआ है। इस मैदान के आस पास सेब के बाग, ओक और देवदार के जंगलों की हरी-भरी वनस्पतियों पाई जाती हैं।

4- औली हिल स्टेशन

औली उत्तराखंड के गढ़वाल में स्थित एक प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। यह हिल स्टेशन हिमालय के पहाड़ी ढलानों पर स्थित है। औली हिल में दूर-दूर तक फैले घास के मैदान फैले हुए हैं। इस हिल स्टेशन में उगते हुए सूरज का दृश्य बहुत शानदार होता है। औली हिल प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है। इसके आसपास की पहाड़ियों दिखने में बहुत शानदार लगती हैं।

5- पंगरचुल्ला पीक

पंगरचुल्ला पीक उत्तराखंड के गढ़वाल में एक ट्रेकिंग क्षेत्र है। अगर आप ट्रेकिंग करना पसंद करते हो तो यह क्षेत्र आपके लिए बहुत रोमांच भरा हो सकता है। यहाँ पर दयारा बुग्याल, पिंडारी ग्लेशियर, नाग टिब्बा, केदारकांठा और कुआरी दर्रा जैसे लोकप्रिय ट्रेक हैं। पंगरचुल्ला पीक में बर्फ से ढके पहाड़ और पहाड़ी व्यंजन आपको आनंदित कर सकते हैं।

 

विष्णुप्रयाग में कैसे पहुँचे How to reach Vishnuprayag?

हवाई मार्ग से विष्णुप्रयाग में पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डे जॉली ग्रांट एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से मंदिर विष्णुप्रयाग तक पहुँच सकते हैं। हवाई अड्डे से विष्णुप्रयाग की दूरी 274 किलोमीटर है।

रेल मार्ग से विष्णुप्रयाग में पहुँचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से टैक्सी के माध्यम से विष्णुप्रयाग तक पहुँच सकते हैं। रेलवे स्टेशन से विष्णुप्रयाग की दूरी 257 किलोमीटर है।

रोड मार्ग से विष्णुप्रयाग तक पहुँचने के लिए आप श्रीनगर, ऋषिकेश और हरिद्वार से उत्तराखंड की रोडवेज बसों, निजी बसों, और टैक्सियों से यहाँ तक पहुँच सकते हो।

 

Vishnuprayag Road Map

विष्णुप्रयाग के पास स्थित होटल Hotels near Vishnuprayag

विष्णुप्रयाग के पास स्थित होटलों के बारे में जानकारी नीचे दी गयी है। यह सभी होटल विष्णुप्रयाग के आस पास ही स्थित है। आप अपनी सुविधानुसार नीचे दिये गए किसी भी होटल में रुक सकते हैं-

1- Hotel Saidham Joshimath.

2- hotel mount view annexy.

3- Hotel Uday Palace Joshimath.

4- The Tattva - A Boutique Resort.

5- YATRA HOMESTAY.

6- nanda view resort.

7- The Auli Resort.

8- Blue bells cottage.

9- The Maple Leaf, Auli Joshimath.

10- Hotel grand kailash joshimath.

 

Conclusion

आशा करता हूँ कि मैंने जो आपको विष्णुप्रयाग के बारे में आपको जानकारी दी वह आपको अच्छे से समझ आ गयी होगी। मैंने इस पोस्ट में इस मंदिर से संबन्धित सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया है।

अगर आप किसी मंदिर के बारे में जानना चाहते हो तो हमें कमेंट करके बताएं। जो भी लोग आपके आस पास में या आपके दोस्तो में मंदिरों के बारे में जानना चाहते हैं, आप उनको हमारा पोस्ट शेअर कर सकते है। हमारी पोस्ट को अपना कीमती समय देने के लिए धन्यवाद।

Note

अगर आपके पास विष्णुप्रयाग के बारे में और अधिक जानकारी है तो आप हमारे साथ शेअर कर सकते हैं, या आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपको गलत लगे तो आप तुरंत हमे कॉमेंट करके बताएं।

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